Monday, 21 October 2019

पाकीज़ा अज़ानों में मीरा के भजन गूंजें नौ दिन के उपासन में रमज़ान की खुशबू हो

वो दौर दिखा जिसमें इंसान की ख़ूशबू हो इंसान की आखों में ईमान की खुशबू हो पाकीज़ा अज़ानों में मीरा के भजन गूंजें नौ दिन के उपासन में रमज़ान की खुशबू हो मैं उसमें नज़र आऊं वो मुझमें नज़र आये इस जान की खुशबू में उस जान की खुशबू हो




छपी हिंदी तो गीता... उर्दू छपी तो क़ुरान नजर आई... भूल कर अस्तित्व लोगों को... एक कागज़ भी हिंदू- मुसलमान नज़र आया।

Tuesday, 8 October 2019

कुम्भनदास संतन को कहा सीकरी सों काम ? आवत जात पनहियाँ टूटी, बिसरि गयो हरि नाम।। जिनको मुख देखे दुख उपजत, तिनको करिबे परी सलाम।। कुभंनदास लाल गिरिधर बिनु और सबै बेकाम।।


कुम्भनदास


संतन को कहा सीकरी सों काम ?
आवत जात पनहियाँ टूटी, बिसरि गयो हरि नाम।।
जिनको मुख देखे दुख उपजत, तिनको करिबे परी सलाम।।
कुभंनदास लाल गिरिधर बिनु और सबै बेकाम।।

अकबर के समक्ष गायन


एक बार मुग़ल बादशाह अकबर की राजसभा में एक गायक ने कुम्भनदास का पद गाया। बादशाह ने उस पद से आकृष्ट होकर कुम्भनदास को फ़तेहपुर सीकरी बुलाया। पहले तो कुम्भनदास जाना नहीं चाहते थे,  पर सैनिक और दूतों का विशेष आग्रह देखकर वे पैदल ही गये। श्रीनाथ जी के सभा सदस्य को अकबर का ऐश्वर्य दो कौड़ी का लगा। कुम्भनदास की पगड़ी फटी हुई थी, तनिया मैली थी, वे आत्मग्लानि में डूब रहे थे कि किस पाप के फलस्वरूप उन्हें इनके सामने उपस्थित होना पड़ा। बादशाह ने उनकी बड़ी आवभगत की, पर कुम्भनदास को तो ऐसा लगा कि किसी ने उनको नरक में लाकर खड़ा कर दिया है। वे सोचने लगे कि राजसभा से तो कहीं उत्तम ब्रज है, जिसमें स्वयं श्रीनाथ जी खेलते रहते हैं, अनेकों क्रीड़ाएं करते करते रहते हैं। अकबर ने पद गाने की प्रार्थना की। कुम्भनदास तो भगवान श्रीकृष्ण के ऐश्वर्य-माधुर्य के कवि थे, उन्होंने पद-गान किया-
भगत को कहा सीकरी काम।
आवत जात पन्हैयां टूटीं, बिसरि गयो हरिनाम।।
जाको मुख देखैं दुख लागै, ताको करनो पर्‌यो प्रनाम।
‘कुंभनदास’ लाल गिरिधर बिनु और सबै बेकाम।।
बादशाह सहृदय थे, उन्होंने आदरपूर्वक उनको घर भेज दिया।

Wednesday, 25 September 2019

हाईकोर्ट ने पूछा-'तथ्यों को छिपाकर कैसे ले ली अभियोजन की मंजूरी'






हाईकोर्ट ने पूछा-'तथ्यों को छिपाकर कैसे ले ली अभियोजन की मंजूरी'

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, लोकायुक्त एसपी सहित अन्य से पूछा कि तथ्यों को छिपाकर सहायक अभियंता के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी कैसे ले ली गई? न्यायमूर्ति सुजय पॉल व जस्टिस बीके श्रीवास्तव की युगलपीठ ने सभी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया।
जबलपुर निवासी रविशंकर सिंह ने याचिका में कहा कि वह पूर्व क्षेत्र विवि कंपनी में सहायक अभियंता हैं। बीते दिनों उसके खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने अपराधिक प्रकरण दर्ज किया। इस मामले में विभागीय अभियोजन स्वीकृति लेने के लिए लोकायुक्त ने तथ्य छिपाकर जानकारी पेश की। अधिवक्ता विजय राघव सिंह, अजय नंदा, मनोज चतुर्वेदी ने दलील दी कि उक्त मंजूरी दोषपूर्ण है,अतः खारिज की जाए। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने अनावेदकों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

Tuesday, 17 September 2019

DAINIK BHASKAR JABALPUR 18.09.2019 PAGE 3 RAVI SHANKER SINGH


DAINIK BHASKAR JABALPUR 18.09.2019 PAGE 3
DAINIK BHASKAR JABALPUR 18.09.2019 PAGE 3 RAVI SHANKER SINGH