Saturday, 19 October 2019
Tuesday, 8 October 2019
कुम्भनदास संतन को कहा सीकरी सों काम ? आवत जात पनहियाँ टूटी, बिसरि गयो हरि नाम।। जिनको मुख देखे दुख उपजत, तिनको करिबे परी सलाम।। कुभंनदास लाल गिरिधर बिनु और सबै बेकाम।।
कुम्भनदास
- संतन को कहा सीकरी सों काम ?
- आवत जात पनहियाँ टूटी, बिसरि गयो हरि नाम।।
- जिनको मुख देखे दुख उपजत, तिनको करिबे परी सलाम।।
- कुभंनदास लाल गिरिधर बिनु और सबै बेकाम।।
- भगत को कहा सीकरी काम।
- आवत जात पन्हैयां टूटीं, बिसरि गयो हरिनाम।।
- जाको मुख देखैं दुख लागै, ताको करनो पर्यो प्रनाम।
- ‘कुंभनदास’ लाल गिरिधर बिनु और सबै बेकाम।।
अकबर के समक्ष गायन
एक बार मुग़ल बादशाह अकबर की राजसभा में एक गायक ने कुम्भनदास का पद गाया। बादशाह ने उस पद से आकृष्ट होकर कुम्भनदास को फ़तेहपुर सीकरी बुलाया। पहले तो कुम्भनदास जाना नहीं चाहते थे, पर सैनिक और दूतों का विशेष आग्रह देखकर वे पैदल ही गये। श्रीनाथ जी के सभा सदस्य को अकबर का ऐश्वर्य दो कौड़ी का लगा। कुम्भनदास की पगड़ी फटी हुई थी, तनिया मैली थी, वे आत्मग्लानि में डूब रहे थे कि किस पाप के फलस्वरूप उन्हें इनके सामने उपस्थित होना पड़ा। बादशाह ने उनकी बड़ी आवभगत की, पर कुम्भनदास को तो ऐसा लगा कि किसी ने उनको नरक में लाकर खड़ा कर दिया है। वे सोचने लगे कि राजसभा से तो कहीं उत्तम ब्रज है, जिसमें स्वयं श्रीनाथ जी खेलते रहते हैं, अनेकों क्रीड़ाएं करते करते रहते हैं। अकबर ने पद गाने की प्रार्थना की। कुम्भनदास तो भगवान श्रीकृष्ण के ऐश्वर्य-माधुर्य के कवि थे, उन्होंने पद-गान किया-
बादशाह सहृदय थे, उन्होंने आदरपूर्वक उनको घर भेज दिया।
Wednesday, 25 September 2019
हाईकोर्ट ने पूछा-'तथ्यों को छिपाकर कैसे ले ली अभियोजन की मंजूरी'
हाईकोर्ट ने पूछा-'तथ्यों को छिपाकर कैसे ले ली अभियोजन की मंजूरी'
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी, लोकायुक्त एसपी सहित अन्य से पूछा कि तथ्यों को छिपाकर सहायक अभियंता के खिलाफ अभियोजन चलाने की मंजूरी कैसे ले ली गई? न्यायमूर्ति सुजय पॉल व जस्टिस बीके श्रीवास्तव की युगलपीठ ने सभी को नोटिस जारी कर जवाब-तलब किया।
जबलपुर निवासी रविशंकर सिंह ने याचिका में कहा कि वह पूर्व क्षेत्र विवि कंपनी में सहायक अभियंता हैं। बीते दिनों उसके खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने अपराधिक प्रकरण दर्ज किया। इस मामले में विभागीय अभियोजन स्वीकृति लेने के लिए लोकायुक्त ने तथ्य छिपाकर जानकारी पेश की। अधिवक्ता विजय राघव सिंह, अजय नंदा, मनोज चतुर्वेदी ने दलील दी कि उक्त मंजूरी दोषपूर्ण है,अतः खारिज की जाए। प्रारंभिक सुनवाई के बाद कोर्ट ने अनावेदकों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
Tuesday, 17 September 2019
सहायक अभियंता की बर्खास्तगी पर रोक
सहायक अभियंता की बर्खास्तगी पर रोक
जबलपुर। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी डिण्डौरी में पदस्थ एक सहायक अभियंता की बर्खास्तगी आदेश पर स्थगन आदेश जारी किया है। न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक, सीई जबलपुर क्षेत्र और एसई डिण्डौरी को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब-तलब किया है। अधिवक्ता विजय राघव सिंह और मनोज चतुर्वेदी ने दलील दी कि सहायक अभियंता रविशंकर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम का प्रकरण दर्ज किया गया है। 5 सितंबर 2019 को जबलपुर क्षेत्र के सीई ने आदेश जारी कर उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया है। याचिकाकर्ता की सेवा समाप्त करने के पहले उसे सुनवाई का अवसर नहीं दिया गया। एकलपीठ ने सहायक अभियंता की बर्खास्तगी आदेश पर रोक लगा दी है।
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने किया ग्राहकों का सम्मान
बैंक ऑफ महाराष्ट्र ने होटल समदड़िया में 85वां स्थापना दिवस मनाया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि मधु यादव रहीं। विशिष्ट अतिथि शारदा शक्ति पीठ, मैहर के प्रधान पुजारी देवी प्रसाद महाराज उपस्थित रहे। कार्यक्रम में जबलपुर अंचल के अंचल प्रमुख वैभव काले व उप अंचल प्रबंधक वीपी खापेकर व एआरबी के मुखिया जय सिम्हा रेड्डी ने आए हुए सभी ग्राहकों का सम्मान किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी ग्राहकों को वैभव काले ने अपने अंचल की शाखाओं व व्यापार के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में अंचल की शाखाओं में से कुछ शाखाएं जिन्होंने उत्कृष्ट कार्य किया उनके शाखा प्रबंधकों को अतिथियों व अंचल प्रबंधक व उप अंचल प्रबंधक द्वारा सम्मानित किया गया। अंचल द्वारा हिंदी माह के अंतर्गत आयोजित स्पर्धा में अव्वल आए प्रतिभागियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन अंचल कार्यालय के वरिष्ठ प्रबंधक आलोक कुमार ने किया। स्वागत भाषण अंचल कार्यालय में कार्यरत सीपीसी की मुखिया संजू कुमारी व आभार प्रदर्शन वसूली विभाग के मुखिया राजकिशोर रंजीत ने किया। आयोजन में जबलपुर अंचल कार्यालय के अधिकारी, कर्मचारी व शहर, बाहर से आए सभी मुख्य प्रबंधकों व शाखा प्रबंधकों का सहयोग रहा।
Monday, 16 September 2019
ज़ाहिद शराब पीने दे मस्जिद में बैठ कर या वो जगह बता दे जहाँ पर ख़ुदा न हो
एक ही विषय पर 6 महान शायरों का नजरिया –
Mirza Ghalib :
“शराब पीने दे मस्जिद में बैठ कर
या वो जगह बता जहाँ पर ख़ुदा नहीं”
Iqbal :
“मस्जिद ख़ुदा का घर है, कोई पीने की जगह नहीं ,
काफिर के दिल में जा, वहाँ पर ख़ुदा नहीं ”
Ahmad Faraz :
“काफिर के दिल से आया हूँ मैं ये देख कर वहाँ पर
जगह नही,
खुदा मौजूद है वहा भी, काफिर को पता नहीं ”
Wasi : “खुदा तो मौजूद दुनिया में कही भी जगह
नही,
तू जन्नत में जा वहाँ पीना मना नहीं ”
Saqi :
“पीता हूँ ग़म-ए-दुनिया भुलाने के लिए अौर कुछ
नही,
जन्नत में कहाँ ग़म है वहाँ पीने में मजा नहीं”
Sharabi:
“हम पीते हैं मज़े के लिए, बेवजह बदनाम गम है,
पुरी बोतल पीकर देखों, फिर दुनिया क्या जन्नत से
कम है
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